बाराबंकी, उत्तर प्रदेश, 27 फरवरी 2026
हरख (Barabanki) में तीन दिवसीय सामुदायिक वॉलिंटियर प्रशिक्षण संपन्न
(हरख, बाराबंकी)- सारथी डेवलपमेंट फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा संचालित एवं अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा वित्तपोषित सलोनी परियोजना के अंतर्गत हरख ब्लॉक कार्यालय, जनपद बाराबंकी में तीन दिवसीय सामुदायिक वॉलेंटियर (बाल बंधु) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण समुदाय में जागरूकता बढ़ाने और किशोरियों के सर्वांगीण विकास को गति देने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगा|
प्रशिक्षण का संचालन अनुभवी प्रशिक्षक मोहम्मद अखलाक खान द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को सरल, संवादात्मक और व्यवहारिक तरीके से विभिन्न विषयों की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान ग्राम स्तर के बाल बंधुओं को समुदाय की वास्तविक समस्याओं को पहचानने, उनका विश्लेषण करने तथा समाधान की दिशा में प्रभावी पहल करने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और बाल संरक्षण पर विशेष जोर
कार्यक्रम में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार, किशोरियों का विद्यालय से जुड़ाव, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, पर्यावरण स्वच्छता, बाल संरक्षण कानूनों की जानकारी, ग्राम नियोजन प्रक्रिया और विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी सेवा प्रदाताओं की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार पूर्वक प्रशिक्षित किया गया।
प्रतिभागियों को बताया गया कि कैसे वे अपने गांव में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझें और समाज में सशक्त भूमिका निभा सकें। बाल बंधुओं को यह भी सिखाया गया कि वे समुदाय और किशोरियों के बीच सेतु की भूमिका निभाते हुए विकास की प्रक्रिया को मजबूत करें।
क्षेत्रीय टीम का सक्रिय योगदान
इस अवसर पर क्षेत्र समन्वयक कमल किशोर, कम्युनिटी सेंटर फेसिलिटेटर नीलम कुमारी एवं पूनम का विशेष सहयोग रहा। सभी ने मिलकर प्रशिक्षण को प्रभावी और सहभागी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गांव में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग करते हुए समुदाय को जागरूक एवं सशक्त बनाएंगे।
अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। यह प्रशिक्षण ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन और किशोरी सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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